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विशेष लेख : रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान बना जन आंदोलन

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  •     ओमप्रकाश डहरिया

रायपुर, 05 अगस्त 2016/ राजनीति से ऊपर और देशभक्ति से प्रेरित स्वच्छ भारत मिशन के जरिए राज्य सरकार प्रदेेश को संपूर्ण स्वच्छ राज्य बनाने प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से महात्मा गांधी के 150वीं जयंती दो अक्टूबर 2019 तक संम्पूर्ण स्वच्छ देश  बनाने का आह्वान किया और लोगों को संकल्प भी दिलाया। श्री मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर स्थित मारवाड़ी शमशान घाट की दो अक्टूबर 2014 को साफ-सफाई कर इसकी शुरूआत की। डॉ. सिह इस अभियान को सरकारी अभियान न मानकर जन आंदोलन मानते है। राज्य सरकार स्वच्छ के इस आंदोलन में लोगों को हर सम्भव मदद के लिए तत्पर है। स्वच्छता अभियान को सफल बनाने राज्य सरकार की बेहतर नीति और प्रयास से अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की शौचालय बनाने की मुहिम रंग ला रही है। छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक गांव खुले में शौच मुक्त(ओ.डी.एफ.) घोषित किया जा रहा है। शासन-प्रशासन के मदद से पूरे समाज को खुले में शौच की समाजिक बुराई से मुक्ति के लिए हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है। खुले में शौच मुक्त गांव, नगर और राज्य बनाने के लिए हमे स्वयं ही आगे आना होगा तभी छत्तीसगढ़ खुले में शौच की इस सामाजिक बुराई से मुक्त हो सकेगा। यदि हम स्वच्छ भारत मिशन को ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो भारत में स्वच्छता के लिए केन्द्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम(सी.आर.एस.पी.) का प्रारंभ वर्ष 1986 में पूरे देश में हुआ। यह कार्यक्रम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए स्वास्थ्यप्रद शौचालय निर्माण पर केन्द्रित था। इसका उद्देश्य सूखे शौचालयों को बहुत ही कम लागत से तैयार स्वास्थ्यप्रद शौचालयों में बदलना, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं के लिए शौचालयों का निर्माण करना तथा हैण्डपम्प, स्नानगृह और हाथों की सफाई की सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इसके बाद ग्रामीण साफ-सफाई कार्यक्रम का पुर्ननिर्माण करने के लिए 1999 में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान(टी.एस.सी.) की शुरूआत हुई। पूर्ण स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए साफ-सफाई कार्यक्रम के तहत जून 2003 में पूर्ण स्वच्छता, पर्यावरण को साफ रखने के साथ ही ग्राम पंचायत, विकासखण्डों और जिलों द्वारा गांव को खुले में शौच मुक्त करने के लिए निर्मल भारत की शुरूआत की गई थी। छत्तीसगढ़ में  निर्मल भारत की शुरूआत वर्ष 2012 में हुई। सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान और निर्मल भारत अभियान के दौरान निर्मित 10 लाख 30 हजार शौचालयों के अनुपयोगी स्थिति और निर्मल ग्राम पुरस्कार प्राप्त 820 पंचायतों में से केवल 20 पंचायतों के स्थायित्व को देखते हुए राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं।
    छत्तीसगढ़ सरकार की लोकहितैषी सोच के साथ सामाजिक दायित्व को पूरा करने इस अभियान के लिए डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रतिनिधियों के घरों में शौचालय  होना अनिवार्य करने वाला देश का पहला राज्य है। इतना ही नहीं बल्कि इस अभियान को सफल बनाने और लोगों को इस दिशा में जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश के सभी सत्ताइस जिला पंचायतों, 146 जनपद पंचायतों और 10 हजार 971 ग्राम पंचायतों में  नौरत्नों का गठन कर उन्हें समुदाय को प्रोत्साहित करने स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया है। ये नौरत्न अपने-अपने क्षेत्रों में शौचालय निर्माण, उपयोग और साफ-सफाई के प्रति गांवों और मोहल्लों में लोगांे को जागरूक कर रहे है। वर्तमान में सामाजिक जनभागीदारी, जनप्रतिनियों के सहयोग और राज्य सरकार के भरसक प्रयास से प्रदेश में  सात लाख से अधिक व्यक्तिगत और समुदाय आधारित शौचालय का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही राजनांदगांव जिले के दो विकासखण्ड अम्बागढ़-चौकी और छूरिया सहित प्रदेश के 2063 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है। इन विकासखण्डों ने अपनी इस गौरवपूर्ण सफलता पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से सम्मान प्राप्त किया जो छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
       पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर के नेतृत्व  और कठिन परिस्थितियों में भी कार्य करने की शैली  तथा उनके मार्गदर्शन से आने वाले समय में ऐसे ही कितने ही गांव व नगर खुले मंे शौच मुक्त घोषित होंगे। छत्तीसगढ़ की संस्कृति एक-दूसरे को देखकर सीखने की रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आशा के अनुरूप पद्रेश के 16 लोकसभा सांसदों द्वारा ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के तहत एक-एक गांव को आदर्श ग्राम बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। डॉ. रमन सिंह की सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए प्रदेश के और अधिक गांवों को आदर्श गांव के रूप में बदलने के लिए ‘विधायाक आदर्श ग्राम योजना’ की घोषणा की। वर्तमान में सभी 90 विधायकों द्वारा एक-एक ग्राम चयन कर आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है जो एक स्वच्छ गांव की सपना को साकार करते हुए प्रदेश के अन्य गांवों के विकास किए  मॉडल बन रहे है। इसी का परिणाम है कि बहुत कम समय में प्रदेश द्वारा सराहनीय उपलब्धियों को देखते हुए माह जुलाई 2016 को देश के 24 राज्यों क 160 से अधिक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों, केन्द्रीय सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का अवलोकन कर प्रशंसा की। यह हमारे लिए अत्यंत गर्व  का विषय है। प्रधानमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप प्रदेश के लक्ष्य के अनुसार देश के खुले में शौच मुक्त होने के दस माह पहले ही 31 दिसम्बर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त कर ‘उज्जर-सुघ्घर, हमर छत्तीसढ़’ के सपने को साकार करने दृढ़ संकल्पित है। क्रमांक-2266/ ओम


 

Date: 
05 Aug 2016