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रायपुर : स्वच्छ भारत मिशन : राज्य में चार हजार से ज्यादा गांवों और ग्यारह विकासखण्डों को खुले में शौच की समस्या से मिली मुक्ति

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आठ लाख शौचालयों का हुआ निर्माण

पन्द्रह अगस्त तक छह जिले, 15 विकासखण्ड और 1500 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य


     रायपुर, 06 अगस्त 2016

स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक ग्यारह विकासखण्डों सहित दो हजार 432 ग्राम पंचायतों के चार हजार 311 गांवों की जनता को खुले में शौच की गंभीर समस्या से मुक्ति मिल चुकी है। इन गांवों में अभियान शुरू होने के दो वर्ष से भी कम समय में लगभग आठ लाख घरों में शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में यह अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका है।
राज्य शासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत प्रदेश में दो अक्टूबर 2014 से अब तक आठ लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। इस अभियान के तहत ग्यारह विकासखण्ड और दो हजार 432 ग्राम पंचायत (4311 ग्राम) को खुले में शौच मुक्त  किए जा चुके है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में एक हजार 70 ग्राम पंचायत के  दो हजार 66 गांवों को खुले में शौच मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में तीन लाख 91 हजार शौचालय बनाए गए है। आगामी 15 अगस्त 2016 तक पन्द्रह विकासखण्ड और पन्द्रह सौ ग्राम पंचायत सहित छह जिलों को खुले में शौच मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। दिसम्बर 2018 तक राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य है।  
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबद्ध राज्य स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के अधिकारियो ने आज यहां बताया कि स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच मुक्त समुदाय का सृजन करना है। अधिकारियो ने बताया कि बेसलाइन सर्वेक्षण 2012-13 के अनुसार राज्य में 26 लाख 76 हजार शौचालय निर्माण कराया जाना शेष था, पूर्व में निर्मित 17 लाख 52 हजार शौचालयों में से 10 लाख 32 हजार शौचालय अनुपयोगी पाये गए थे। डॉ. गीता ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत दो अक्टूबर 2014 से पूरे प्रदेश को खुले में शौच की समाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए की गई है। 25 नवम्बर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को बनाया गया।
अधिकारियो ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए अनुदान प्रदाय नहीं की जाती हैं, शौचाल निर्माण एवं उपयोग सुनिश्चित होने पर प्रोत्साहन राशि समुदाय-व्यक्ति को पद्रान की जाती है। यह प्रोत्साहन राशि शौचालय निर्माण की लागत नहीं है। व्यक्ति अपनी आवश्यकता के हिसाब से शौचालय का निर्माण एवं उपयोग सुनिश्चित कर प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकता है।


क्रमांक-2291/ओम

 

Date: 
06 Aug 2016