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रायपुर : छत्तीसगढ़ को साक्षरता में लगातार 5वें वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार : इस बार राज्य का बस्तर जिला राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित

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रायपुर जिले की ग्राम पंचायत गिरौद को भी नवाजा गया साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार से
मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई


रायपुर, 08 सितम्बर 2015

साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ को साक्षरता के क्षेत्र में लगातार 5वें वर्ष भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में बस्तर जिले को साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की ग्राम पंचायत गिरौद (विकासखण्ड धरसींवा) को भी साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज इन उपलब्धियों के लिए बस्तर जिले की जनता को और ग्राम पंचायत गिरौद के लोगों को एक बार फिर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के हाथों बस्तर जिले के लिए यह पुरस्कार वहां के कलेक्टर श्री अमित कटारिया ने और ग्राम पंचायत गिरौद का पुरस्कार वहां के संरपच श्री चन्द्रकुमार नायक ने ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2015 के साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए  देश के तीन जिलों का चयन किया है। आज पुरस्कृत इन जिलों में छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) जिले के अलावा जिला हावेरी (कर्नाटक) और जिला धर्मपुरी (तमिलनाडु) भी शामिल हैं। प्राधिकरण द्वारा देश की पांच ग्राम पंचायतों को भी साक्षर भारत का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिनमें छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायत गिरौद (विकासखंड धरसींवा) भी सम्मिलित है। उल्लेखनीय है कि, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने इस पुरस्कार के लिए बस्तर जिले का चयन जिन मापदंडों के आधार पर किया है, उनमें साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत प्रौढ़ साक्षरता बढ़ाने के लिए 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को जिला स्तर पर विभिन्न शासकीय विभागों जैसे निर्वाचन कार्यालय, खेल विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संरक्षण विभाग व सर्वशिक्षा अभियान से जोड़ा जाना भी शामिल हैं। इसका मुख्य उद्ेश्य लोगों में साक्षरता बढ़ाने के साथ-साथ उनका सपूर्ण विकास करना है। बस्तर जिलें में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें हैण्डपंप रिपेयरिंग तथा सिलाई कढ़ाई का भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिले में महिला साक्षरता को बढ़ाने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त भी किया गया। इसके लिए स्वसहायता समूहों का गठन किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं को मध्यान्ह भोजन व सर्वजानिक वितरण व्यवस्था के कार्यो में संलग्न कर उन्हें सशक्त बनाया गया। बस्तर जिले के कलेक्टर श्री अमित कटारिया ने बताया कि बस्तर जिले में साक्षर भारत कार्यक्रम के लिए 3170 केन्द्र संचालित है। इनमें 1575 अनुदेशकों और 634 प्रेरकों के माध्यम से लोगों को साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है।
राष्ट्रपति के हाथों आज साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रायपुर जिले की ग्राम पंचायत गिरौद (विकासखंड धरसींवा)  ने 85 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर ली है। इस उपलब्धि पर गिरौद ग्राम पंचायत को साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत गिरौद सांसद आदर्श ग्राम योजना में भी शामिल है। साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत गिरौद में 02 प्रेरक और 38 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो असाक्षरों को को साक्षरता के लिए लोक शिक्षा केन्द्र में आने की प्रेरणा देते हैं। गिरौद में 424 लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है। कार्यात्मक साक्षरता के अंतर्गत भी इस ग्राम पंचायत में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। वहां आदर्श लोक शिक्षा केन्द्र स्थापित किया गया है। नवाचार के अंतर्गत साक्षरता दीपोत्सव, साक्षरता छेरछेरा, पढ़ाई कमाई, साक्षरता राखी तथा साक्षर बाड़ी जैसी गतिविधियों से जनभागीदारी में वृद्धि हुई है। वित्तीय साक्षरता के अंतर्गत गांव में 33 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया हैं। जीवकोर्पाजन के अंतर्गत मशरूम उत्पादन, सिलाई कढाई आदि कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा हैं। ग्राम में महिला संसाधन केन्द्र भी स्थापित किया गया है। सभी नवसाक्षरों का जनधन योजना में बैंक खाता खुल चुका है तथा अधिकांश नवसाक्षरों का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा अंतर्गत फार्म भरवाया जा चुका है। साक्षरता के कारण आयी जागरूकता से लोग अब शराब सेवन के व्यापक दुष्प्रभाव समझने लगे हैं, जिससे यहां अपराध की दर में भी बहुत कमी आई है।

 

क्रमांक-2708 /स्वराज्य
 

Date: 
08 Sep 2015