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रायपुर : मनरेगा में एक बार फिर सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़ : नक्सल पीड़ित दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार

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रायपुर जिले की ग्राम पंचायत फरफौद भी पुरस्कृत
केन्द्रीय पंचायत मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह द्वारा पुरस्कार वितरित
प्रदेश के पंचायत मंत्री श्री अजय चन्द्राकर भी समारोह में हुए शामिल


रायपुर, दो फरवरी 2015

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के दसवें स्थापना दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ को इस योजना में तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। योजना के तहत वर्ष 2013-14 के सर्वश्रेष्ठ रोजगारमूलक कार्यों के लिए इनमें से दो पुरस्कार राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और नारायणपुर जिले को दिए गए। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत फरफौद को भी पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दोनों जिलों सहित ग्राम पंचायत फरफौद के लोगों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी मनरेगा स्थापना दिवस पर दो फरवरी को छत्तीसगढ़ के दो नक्सल पीड़ित जिलों बीजापुर और राजनांदगांव सहित जिला बालोद की ग्राम पंचायत खरथुली को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
विज्ञान भवन में आज पूर्वान्ह आयोजित मनरेगा स्थापना दिवस समारोह में केन्द्रीय पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों को तथा ग्राम पंचायत फरफौद को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के.राउत, सचिव श्री पी.सी.मिश्रा, कलेक्टर दंतेवाड़ा श्री के.सी.देवसेनापति, जिला पंचायत नारायणपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक सोनी, मनरेगा के राज्य अपर आयुक्त श्री यशवंत कुमार और ग्राम पंचायत फरफौद के सरपंच श्री हिम्मत सिंह चन्द्राकर भी उपस्थित थे। केन्द्रीय पंचायत मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने छत्तीसगढ़ के पुरस्कृत जिलों-दंतेवाड़ा और नारायणपुर तथा ग्राम पंचायत फरफौद की जनता को बधाई दी। उन्होंने इन जिलों के कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और वहां के मनरेगा से जुड़े सभी कर्मचारियों को बधाई दी। छत्तीसगढ़ के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने भी समारोह को सम्बोधित किया।
    उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले को यह राष्ट्रीय पुरस्कार वहां मनरेगा के तहत नवाचार श्रेणी में शुरू की गयी जैविक खेती और क्षीरसागर परियोजना के लिए दिया गया है। जिले में किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘मोचो बाड़ी’ योजना और सहकारिता के आधार पर दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षीर सागर परियोजना शुरू की गयी है। दोनों परियोजनाओं को उत्साहजनक सफलता मिली है, वहीं नारायणपुर जिले में भी मनरेगा के तहत सराहनीय कार्य हुए है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में वहां तेरह हजार 714 परिवारों से आयीे रोजगार की मांग के आधार पर तेरह हजार 301 परिवारों को विभिन्न निर्माण कार्यों में आठ लाख 85 हजार मानव दिवस का रोेेजगार दिया गया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा थी। इस अवधि में केन्द्र सरकार के प्रावधानों के अनुरूप जिले में तीन हजार 690 परिवारों को वर्ष भर में सौ दिनों का रोजगार दिया गया। वर्ष 2013-14 में नारायणपुर जिले में मनरेगा के तहत दो हजार से ज्यादा रोजगारमूलक कार्य संचालित किए गए और ग्रामीणों को बारह करोड़ 77 लाख रूपए की मजदूरी की गयी। इसके अलावा वहां वन अधिकार मान्यता पत्र धारक किसानों के खेतों के समतलीकरण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य हुए। रायपुर जिले की फरफौद ग्राम पंचायत को भी मनरेगा में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया है।   

 

क्रमांक-3571/स्वराज्य

Date: 
02 Feb 2015