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रायपुर : धान की खेती में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दी किसानों को बधाई


    रायपुर 10 फरवरी 2014

राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2012-13 में देष में धान उत्पादन में सर्वश्रेश्ठ प्रदर्षन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा है। यह पुरस्कार आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में राश्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने पर प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे किसानों की कड़ी मेहनत से ही प्रदेश को यह गौरव प्राप्त हुआ है। इसके पहले 16 जुलाई 2011 को भी छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार की ओर से कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। उस वक्त मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया था।
    राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कृषि-वानिकी सम्मेलन में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल को प्रदेश के किसानों के लिए यह पुरस्कार सौंपा। राष्ट्रपति ने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और राज्य के किसानों को बधाई दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के दो किसानों- जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम जाजंग (विकासखण्ड सक्ती) निवासी श्रीमती सुशीला गबेल और धमतरी जिले के ग्राम जुगदेही (विकासखण्ड कुरूद) निवासी श्री भोलाराम साहू को धान की खेती में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और सर्वाधिक उत्पादन के लिए पुरस्कृत किया। समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार, केन्द्रीय पर्यावरण एवं पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोईली, मध्यप्रदेष, बिहार, मेघालय, उड़ीसा और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों सहित देश के विभिन्न राज्यों के कृषि वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ सरकार के अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह, संचालक कृषि श्री पी.आर. कृदŸा और प्रदेष के पूर्व कृषि मंत्री श्री चन्द्रषेखर साहू भी मौजूद थे। छŸाीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस मौके पर बताया कि राज्य को सर्वाधिक चावल उत्पादन के लिए दूसरी बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया गया है। राज्य में धान के उत्पादन में 71 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कि विकास का सूचक है। वर्श 2011 में राज्य में धान का उत्पादन 1751 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर था, जो 2012-13 में बढ़कर 2014 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गया। कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने यह पुरस्कार राज्य के मेहनतकष किसानों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए कई पहल की हैं जिनमें धान के एक-एक दाने की खरीद, संपूर्ण खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (कृशि उत्पादन व खरीद से लेकर वितरण तक) का सर्वश्रेश्ठ प्रबंधन पिछले दस सालों में धान की खरीद के लिए किसानों को 43000 करोड़ रूपये का भुगतान किया है।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा नये वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट में खेती और उससे जुडे़ विभिन्न क्षेत्रों के लिए आठ हजार 459 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। इसमें से 4 हजार 102 करोड़ रूपये कृषि और उद्यानिकी में खर्च किए जाएंगे। प्राथमिक सहकारी समितियों से राज्य शासन द्वारा किसानों को अब तक एक प्रतिषत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋणों की सुविधा दी जा रही थी, अब किसानों को इन समितियों से ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। धान पर 300 रूपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस देने का प्रावधान भी नये बजट में किया गया है। विगत दस वर्षों में कृषि ऋणों की ब्याज दरों मे निरंतर कमी, सिंचाई के लिए पांच हार्स पावर तक सिंचाई पम्पों को सालाना साढ़े सात हजार यूनिट निःषुल्क बिजली, सहकारी समितियों में धान खरीदी की सर्वोŸाम व्यवस्था, कृषि उपकरणों पर आकर्षण अनुदान जैसी योजनाओं से राज्य के किसानों में खेती के लिए नये उत्साह के साथ आत्मविष्वास जागृत हुआ है। और वे अधिक से अधिक मेहनत करके राष्ट्र के कृषि उत्पादन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


 क्रमांक-3738/सूकेदि

 

Date: 
10 Feb 2014