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रायपुर : पांच साल में चौथी बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री के हाथों मुख्यमंत्री ने ग्रहण किया कृषि कर्मण पुरस्कार

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 इस बार दलहन उत्पादन के लिए हुआ चयन
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने किसानों को दी बधाई


रायपुर, 19 मार्च 2016

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ को दलहन उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रधानमंत्री के हाथों दो करोड़ रूपए का यह पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र ग्रहण किया। खेती-किसानी के क्षेत्र में विगत लगभग पांच वर्ष में राज्य को केन्द्र सरकार से चौथी बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। प्रदेश को विगत तीन कृषि कर्मण पुरस्कार चावल उत्पादन के लिए प्राप्त हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दलहन उत्पादन में राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित प्रदेश के किसानों को बधाई दी। पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह और छत्तीसगढ़ के कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद थे। समारोह में दलहनी फसलों की खेती के लिए छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के दो प्रगतिशील किसानों श्री मानसिंह वर्मा ग्राम कोहड़िया (विकासखण्ड-बेरला) और श्रीमती सुनैना पटेल ग्राम भटगांव, (विकासखण्ड साजा) को ‘कृषि मंत्री कृषि कर्मण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उन्हें पुरस्कार के रूप में दो-दो लाख रूपए की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को इस बार का राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार वर्ष 2014-15 के रिकार्ड दलहन उत्पादन के लिए प्रदान किया गया। उस दौरान राज्य में सात लाख 85 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलों की खेती की गई और छह लाख 55 हजार मीटरिक टन पैदावार मिली, जो इसके पूर्व के वर्ष 2013-14 की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक थी। राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार समारोह आज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नई दिल्ली स्थित परिसर में कृषि उन्नति मेले के साथ आयोजित किया गया। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ को केन्द्र से विगत तीन राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार धान उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विगत तीन कृषि कर्मण पुरस्कारों की तरह चौथे राष्ट्रीय पुरस्कार का सबसे बड़ा श्रेय राज्य के मेहनतकश किसानों को दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे किसानों ने खेती के नये तरीके अपनाकर कठोर परिश्रम किया। इसके फलस्वरूप राज्य को दलहन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल रहा है। इससे धान के कटोरे के रूप में पहचाने जा रहे छत्तीसगढ़ को दलहन उत्पादन के मामले में भी राष्ट्रीय पहचान मिली  है। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार के लिए राज्य के चयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह को धन्यवाद दिया। डॉ. रमन सिंह ने पुरस्कार के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा कृषि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बधाई दी। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य को लगातार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार मिलना मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों और योजनाओं की सफलता का परिचायक है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार से पहला कृषि कर्मण पुरस्कार 16 जुलाई 2011 को मिला था। उस समय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों इसे ग्रहण किया था। दूसरी बार 10 फरवरी 2014 को राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों नई दिल्ली में और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों राजस्थान के श्रीगंगानगर में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य के लिए यह पुरस्कार ग्रहण किया था। छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त और अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

क्रमांक-6143/स्वराज्य









 

Date: 
19 Mar 2016