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अम्बिकापुर : लुण्ड्रा में मना ओडीएफ उत्सव : लुण्ड्रावासियों के लिए ऐतिहासिक व गौरवशाली क्षण

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अम्बिकापुर 03 अगस्त 2016

भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गावों को खुले में शौच से मुक्त करने हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के प्रति सरगुजा जिले के लुण्ड्रा जनपद के ग्रामीणों की प्रतिबद्धता तथा जनप्रतिनिधियों के सतत् मार्गदर्शन एवं अधिकारियों व कर्मचारियों के निरंतर प्रयास से सभी ग्रामों के लोगों द्वारा शौचालय का निर्माण कर नियमित उपयोग किया जा रहा है। स्वच्छता के प्रति बच्चे, किशोर, युवा, वयस्क एवं बुजुर्गो की सामूहिक प्रतिबद्धता के कारण लुण्ड्रा जनपद के सभी ग्राम व ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। ग्रामीणों की एकता एवं स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को यादगार बनाने हेतु लुण्ड्रा में आज ‘‘ओपन डेफिकेशन फ्री’’ अर्थात् ’’ओडीएफ’’ उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सरपंचों को शाल देकर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता के साथ नशामुक्त एवं शिक्षित होना आवश्यक
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह ने ओडीएफ उत्सव में उपस्थित ग्रामीणों को अपने गांवों को स्वच्छ रखने के  सामूहिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने शासन की मंशा के अनुरूप अपने गांव को ओडीएफ करने का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ रखने के साथ ही साथ सामाजिक समरसता के लिए नशामुक्त होना भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से शिक्षित होकर विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर जीवन को समृद्ध और खुशहाल बनायें। पूर्व विधायक श्री भोला सिंह, श्री विजयनाथ सिंह, जनपद अध्यक्ष श्री शैलेष सिंह ने ओडीएफ उत्सव को संबोधित करते हुए गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए ग्रामीण, पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्व सहायता समूह के सदस्य, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निरंतर प्रयास का स्मरण करते हुए सभी लोगों को ओडीएफ उत्सव की बधाई दी।
एकता एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लुण्ड्रा जनपद मुख्यालय में आयोजित ओडीएफ उत्सव लुण्ड्रावासियों के लिए ऐतिहासिक एवं अत्यन्त गौरवशाली क्षण हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी ग्रामों को खुले में शौच से मुक्त करने का यह कार्य स्थानीय लोगों की एकता एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने इस उपलब्धि को सदैव बनाये रखने के लिए भविष्य में भी एकजुटता के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
खुले में शौच बीमारी एवं कुपोषण का कारण
श्री भीम सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों में शौचालय का निर्माण कर उसका नियमित उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गो को शौच हेतु बाहर जाने की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए लोगों से शौचालय का नियमित उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत बीमारियां खुले में शौच के कारण पनपती हैं तथा कुपोषण के लिए भी खुले में शौच एक महत्वपूर्ण कारण है।
नवम्बर तक जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य
कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 1986 से विभिन्न योजनाओं के तहत शौचालय निर्माण एवं उसके उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है। वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 35 प्रतिशत लोगों द्वारा ही शौचालय का नियमित उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरगुजा जिले को नवम्बर 2016 तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने बताया कि 15 अगस्त के अवसर पर प्रदेश के 15 जनपदों को मुख्यमंत्री द्वारा खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जायेगा, जिसमें सरगुजा जिले के लुण्ड्रा एवं बतौली जनपद शामिल हैं।
खुले में शौच मुक्त ग्रामों में होंगे अपशिष्ठ प्रबंधन के कार्य
उन्होंने बताया कि खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायतों में नालियों का निर्माण, ठोस एवं द्रव अपशिष्ठ प्रबंधन का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जायेगा। कलेक्टर ने लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सकुन्ती सिंह, शांति एक्का सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ श्री आर. एक्का, एसबीएम के नोडल अधिकारी श्री माणिकचंद, तहसीलदार श्रीमती ओम विकास टण्डन, जनपद सीईओ श्री यशपाल सिंह, बीपीओ श्री अरूण गुप्ता, महिला स्व सहायता समूह के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।    
समाचार क्रमांक 1621/2016

Date: 
03 Aug 2016