Homeनारायणपुर : स्वच्छ भारत मिशन : दूरस्थ ईलाके के ग्रामीण स्थानीय संसाधनों से बना रहे हैं शौचालय

Secondary links

Search

नारायणपुर : स्वच्छ भारत मिशन : दूरस्थ ईलाके के ग्रामीण स्थानीय संसाधनों से बना रहे हैं शौचालय

Printer-friendly versionSend to friend

26 जनवरी तक नारायणपुर को खुले में शौचमुक्त ब्लाक बनाने दे रहे हैं योगदान


नारायणपुर, 08 जनवरी 2017

जिले के नारायणपुर ब्लाक अंतर्गत दूरस्थ ईलाके के पंचायत पदाधिकारी और ग्रामीण अपने-अपने घरों में शौचालय निर्माण करने के लिए पूरे समर्पण के साथ सहभागिता निभा रहे हैं। इस दिशा में दूरस्थ और पहुंचविहीन ईलाके के ग्रामीण स्थानीय संसाधनों पत्थर, लकड़ी, बांस इत्यादि के जरिये शौचालय निर्माण कर 26 जनवरी 2017 तक नारायणपुर ब्लाक को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए अपनी अमूल्य योगदान दे रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की परिकल्पना को साकार करने के लिए एक कदम आगे आकर जिले के अंदरूनी ईलाके के ग्रामीण जहां शौचालय बनाने जागरूकता के साथ पहल कर रहे हैं। वहीं गंावों में स्वच्छता एंव साफ-सफाई के प्रति सजग होकर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। कुछ इसी तरह का सकारात्मक प्रयास ग्राम पंचायत राजपुर के आश्रित ग्राम हिरगई एवं झारा के ग्रामीणों ने कर दिखाया है। इन ग्रामीणों ने बांस, लकड़ी और पत्थर जैसे स्थानीय संसाधनों से शौचालय निर्माण कर अनूठी मिशाल पेश की है। वहीं नारायणपुर ब्लाक के दूरस्थ अंदरूनी गांव कोरेण्डा के ग्रामीण भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के जरिये अपने घरों में शौचालय निर्माण कर रहे हैं। इस बारे में कोरेण्डा निवासी ग्रामीण जुगलाल, सोमारू, फोहडू आदि ने बताया कि गांवों में घर बनाबने के लिए पारम्परिक रूप से बांस, लकड़ी इत्यादि का उपयोग पहले से कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर इस ईलाके में उपलब्ध पत्थर, बांस और लकड़ी के जरिये शौचालय का निर्माण कर रहे हैं। इन ग्रामीणों ने बताया कि पत्थर का उपयोग शौचालय के नींव में करने के साथ ही बांस और लकड़ी का उपयोग शौचालय के दीवार बनाने के लिए कर रहे हैं। ज्ञात हो कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत् छत्तीसगढ़ को 2 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौचमुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में जिले के विकासखंड नारायणपुर को आगामी 26 जनवरी 2017 तक खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ पहल किया जा रहा है। वर्तमान में नारायणपुर ब्लाक के 175 गंावों में से 94 गांव खुले में शौचमुक्त गांव बन चुके हैं। इन गांवों के बच्चे, बजुर्ग, महिलायें के शौचालय का नियमित उपयोग करने सहित अन्य गांवों के लोगों को भी शौचालय निर्माण कर उसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय बनाने व उसके नियमित उपयोग करने सहित रख-रखाव के लिए स्वेच्छापूर्वक आगे आये  हरेक परिवार को 12 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि का भुगतान संबंधित परिवार के मुखिया के बैंक खाता में किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायतों के द्वारा निर्धन और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को शौचालय बनाने के लिए सहायता प्रदान किया जा रहा है। इस दिशा में ग्राम पंचायतों द्वारा सीमेंट, टॉयलेट सीट, सीमेंट सीट इत्यादि निर्माण सामग्रिया मांग के अनुरूप उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसका भुगतान संबंधित हितग्राहियों द्वारा ही किया जा रहा है। नारायणपुर ब्लाक के अंदरूनी ताड़ोनार, बेड़मा, कुरूषनार इत्यादि पहाड़ी ईलाके के गांवांे के सजग ग्रामीण शौचालय निर्माण के लिए सायकल व अन्य स्थानीय साधनों से निर्माण सामग्री ले जाकर अपने घरों में शौचालय का निर्माण कर रहे हैं, जो वास्तव में मैदानी  ईलाके के पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों के लिए स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति प्रेरक है।


 क्रमांक 32.कमल
 

 

Date: 
08 Jan 2017