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मुंगेली : छत्तीसगढ़ में मुंगेली पहला खुले में शौचमुक्त जिला बना : प्रधानमंत्री के हाथो 01 नवम्बर को मुंगेली जिला होगा सम्मानित : कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ हुये सम्मानित

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लोरमी विकासखण्ड के सभी 133 सरपंचों को सम्मान पत्र प्रदान

मुंगेली 26 अक्टूबर 2016

पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री   श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुरूषों, महिलाओं एवं रेड ब्रिगेड के बालक-बालिकाओं के अथक प्रयास, बेहतर तालमेल एवं सहयोग से छत्तीसगढ़ में मुंगेली पहला खुले में शौचमुक्त जिला बन गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर में 01 नवम्बर 2016 को मुंगेली जिला को खुले में शौचमुक्त बनने पर सम्मानित करेंगे। श्री चंद्राकर मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के सुदूर वनांचल ग्राम घमेरी में आयोजित खुले में शौचमुक्त महोत्सव में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर अस्वच्छता की कलंक लगी थी जिसे मुंगेली जिले के लोगों ने संकल्पित होकर अल्प समय में ही ओडीएफ बनाने में सफलता हासिल किये है।
    प्रभारी मंत्री श्री चंद्राकर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुये कहा कि मुंगेली अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला है। यहां के सरपंचों, नौजवानो और महिलाओं ने स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देकर जिले को खुले में शौचमुक्त बनाकर अपनी ताकत का अहसास कराया है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं कुपोषण दूर करने में भी सफलता हासिल की है। उन्होने कहा कि लोरमी विकासखण्ड के कई सरपंचों ने स्वयं राशि लगाकर शौचालय बनवाया है यह एक सराहनीय कार्य है। प्रशासनिक अधिकारियों के सक्रिय भागीदारी से पंचायत प्रतिनिधियों ने शौचालय निर्माण कार्य को अंजाम दिया।
    खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने लोरमी विकासखण्ड के ओडीएफ घोषित होने पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि सभी घरों में शौचालय निर्माण कर जिले का सम्मान बढ़ाया है। उन्होने कहा कि मुंगेली जिले की 350 ग्राम पंचायतों के 672 गांवों में 97000 शौचालय का निर्माण कराया गया है। उन्होने कहा कि स्वच्छता अभियान में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, रेड ब्रिगेड के बालक-बालिकाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में मुंगेली पहला ओडीएफ जिला बन गया है यह गौरव की बात है। खुले में शौच मुक्त जिला बनने से गांवों के विकास के लिये राशि दी जायेगी। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आमजनो के बेहतरी के लिये किये गये कार्यो से लोगों के चेहरे में खुशहाली झलक रही है। मां-बहनों की परेशानी को देखते हुए उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त में रसोई गैस उपलब्ध कराये गये है।
    संसदीय सचिव श्री तोखन साहू ने कहा कि मुंगेली जिला को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिये जब संकल्प लिया गया तब लग रहा था कि यह कठिन काम है लेकिन ग्रामीणों और सरपंचों ने शौचालय के महत्व को समझा तथा सभी ने संकल्पित होकर लोरमी विकासखण्ड सहित पूरे जिले को खुले में शौचमुक्त बनाकर सपने को साकार किया है। उन्होने कहा कि पुल-पुलियां, भवन, सड़क बनवा देने से लोगों का विकास नहीं होगा बल्कि जीवन में बदलाव आने से ही विकास हो सकेगा। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ गांव, गरीब और किसानों की सरकार है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा बघेल ने कहा कि कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के अध्यक्षों और सरपंचों ने शौचालय निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री      01 नवम्बर को मुंगेली जिला को सम्मानित करेंगे जो हमारे लिये गौरव की बात है। छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के राऊत ने कहा कि जब माह मार्च में ग्राम बरेला में संकल्प स्वच्छ मुंगेली के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया तब विश्वास नहीं हो रहा था कि कम समय में मुंगेली जिला ओडीएफ हो जायेगा। उन्होने कहा कि केवल शौचालय बना लेने से जिला खुले में शौचमुक्त नहीं बन सकता बल्कि शौचालय का उपयोग जरूरी है। उन्होने रेड ब्रिगेड के बच्चों को धन्यवाद देते हुए कहा कि अपना काम जारी रखें। महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती एम. गीता ने कहा कि राज्य में एक वर्ष तक स्वच्छता अभियान चली है जिसमें मुंगेली जिला अग्रणी रहा है। उन्होने कहा कि बिहनियां दल और रेड ब्रिगेड बधाई के पात्र है लड़कियों ने अपनी ताकत दिखाई है।
    कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आज का दिन जिले के लिए ऐतिहासिक है उन्होने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों के कर्मठता पर फक्र है कि संकल्प पर कायम रहकर पंच-सरपंचों ने उमदा कार्य किया है। उन्होने कहा कि यहां के लोगों ने ताकत दिखा दिया है कि छत्तीसगढ़ में मुंगेली पहला ओडीएफ जिला हो सकता है। कार्यक्रम को लोरमी जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती वर्षा सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री रामकुमार पात्रे ने एवं आभार प्रदर्शन जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरिहा आलम सिद्दिकी ने किया।
प्रशासनिक अधिकारियों सहित 133 सरपंचों को किया गया सम्मानित- प्रभारी मंत्री श्री चंद्राकर और खाद्यमंत्री श्री मोहले द्वारा ग्राम घमेरी में आयोजित खुले में शौचमुक्त महोत्सव कार्यक्रम के दौरान लोरमी विकासखण्ड के सभी 133 सरपंचों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरिहा आलम सिद्दिकी, पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीथू कमल सहित एसडीएम एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शाल और बुके देकर सम्मानित किया गया।
    इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के सदस्य श्री धनीराम यादव, पूर्व विधायक श्री भूपेंद्र सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शत्रुहन चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कल्याणी शांडिल्य, श्री रामेश्वर बंजारे, ग्राम सरपंच श्री अश्वनी कश्यप, पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीथू कमल, एसडीएम श्री पी.आर. निर्मल सहित पंच-सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Date: 
26 Oct 2016